भ्रष्टाचार ने इतना पाँव पसारा की अब दिव्यांग से भी मुखिया ने आवास के नाम पर 20 हज़ार रुपये रिश्वत की कर डाली मांग
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M V ONLINE BIHAR NEWS/BUXAR-SIMRI/ बिहार सरकार जहा भ्रष्टाचार को ख़त्म करने में लगी है वही बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत पड़ने वाले काजीपुर पंचायत में सरकारी अधिकारिओ की सर को झुका देने वाला मामला सामने आया है जहा सरकारी कर्मचारी और जनता के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि भी भ्रष्टाचार जैसे मामला करने में सबसे आगे दिखे की गंगा में डुबकी लगाने से बाज नहीं आते, फिर चाहे सरकार के द्वारा मिलने वाली सहायता के लिए भी लाभुक उनकी नाजायज मांगों की पूर्ति करें.
मिली जानकारी के अनुसार काजीपुर के मुखिया ने आवास के नाम पर 20 हज़ार रुपये रिश्वत की मांग की और पूरी न करने के कारण सोना लाल चौधरी नामक दिव्यांग व्यक्ति को वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया है. इस संदर्भ में उक्त व्यक्ति ने जिला पदाधिकारी अमन समीर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है.
किया कहते है पीड़ित दिव्यांग
पीड़ित दिव्यांग का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए आवेदन दिया था. सूची में उनका नाम आने के बाद निवर्तमान मुखिया के द्वारा उन्हें बुलाया गया था और उनसे 20 हज़ार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. मांग पूरी न किए जाने पर निवर्तमान मुखिया के द्वारा उन्हें इस योजना का लाभ नहीं प्रदान किया गया है जबकि, उनके बाद के लोगों के आवेदनों की स्वीकृति देते हुए उनके खाते में योजना की धनराशि भेज दी गई है. ऐसे में उन्होंने डीएम से आग्रह किया है कि वह मामले की जांच कराते हुए उचित कार्रवाई करें.
चर्चा में रहता है पंचायत
बता दें कि भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर काजीपुर पंचायत सदैव चर्चा में रहा है. इसके पूर्व मुखिया रह चुके अख्तर अली को भ्रष्टाचार के मामलों के उजागर होने पर पंचायती राज विभाग के द्वारा पदच्युत किया गया था, जबकी इनके द्वारा भी दिव्यांग से पैसे की माग की गई थी ! जिसके बाद उनके स्थान पर उप मुखिया पदभार संभाल रहे हैं लेकिन, अब उनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसका उदाहरण दिव्यांग के द्वारा लगाया गया आरोप है. ऐसे में देखना यह होगा कि जिलाधिकारी किस प्रकार उक्त दिव्यांग को न्याय दिला पाते हैं?
कौन है सोना लाल
वही सोनालाल को दोनों आँखो से नहीं दिखता है लेकिन इसका कोई असर अधिकारियो और जनप्रतिनिधि पर नहीं पड़ा और घुस का मांग कर डाले आपको बता दे की इनके पास प्रधान मंत्री उज्वला योजना और शौचालय का भी लाभ अभी तक नहीं मिला लेकिन अधिकारी अपनी वाह-वाही करने से बाज नहीं आते है हालांकि बड़ा सवाल यह है की सरकार के द्वारा दी गई योजना के लिए आखिर घुस कियू !




