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संवाददता उमेश पाण्डेय को कई पत्रकार संघों का मिला समर्थन, यथाशीघ्र मुकदमा वापसी को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री से की हस्तक्षेप की माँग


By sidharth mishra

M v online bihar news/पटना। बक्सर में ईटीवी भारत के लिए रिपोर्टिंग करने वाले उमेश पांडेय के खिलाफ एक भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य परशुराम चतुर्वेदी  द्वारा दर्ज कराए गए मामले पर वेब जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने संज्ञान लिया है. WJAI पत्रकारों ने इसे पीड़क कार्रवाई माना है। WJAI  ने बयान जारी कर कहां है कि पत्रकार पर लगाए गए आरोप पहली नजर में बदले की कार्रवाई दिख रहे हैं। इसलिए कि रिपोर्टर ने सीरीज में एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ खबरें लिखीं, लेकिन मंत्री की ओर से इसका खंडन नहीं किया गया और भाजपा नेता द्वारा उल्टे  सीधे कई गंभीर आरोप लगाते हुए पत्रकार पर मामला दर्ज करा दिया गया।


डब्ल्यूजेएआई ने कहा है कि अगर खबरें तथ्यहीन या गलत थीं तो पहले मंत्री महोदय का पक्ष आना चाहिए था. रिपोर्टर अगर उसे अपने पोर्टल में या खबरों में स्थान नहीं देता तो उसे लीगल नोटिस भेजा जाना चाहिए था। पर ऐसा न कर सीधे रिपोर्टर पर केस दर्ज करना यह दर्शाता है कि भाजपा नेता मीडिया को दबाना चाहते हैं.


संगठन के अध्यक्ष आनंद कौशल ने मंत्री महोदय से हस्तक्षेप करते हुए रिपोर्टर पर दर्ज करवाए गये मुकदमे को वापस कराने और मामले के निपटारे का आग्रह किया है. साथ ही कहा है कि उन्हें खबरों पर आपत्ति है तो अपना पक्ष संबंधित रिपोर्टर के पास भेजें. केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा आईटी मंत्रालय ने भी इसी फरवरी में एक्ट लाकर यह  प्रावधान किया है कि अगर किसी को पोर्टल पर चली खबरों पर आपत्ति है तो इसकी शिकायत पहले ग्रिवांस अधिकारी से करना है न कि संबंधित रिपोर्टर पर मुकदमा दायर कर दिया जाए।


बक्सर पत्रकार संघ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि अपने किसी भी साथी के साथ किऐ जा रहे ऐसे कुकृत्य की घोर निंदा और विरोध करता है स्थानीय स्तर पर पत्रकारिता करने वाले सभी पत्रकार मित्र को बक्सर पत्रकार संघ आश्वस्त करना चाहता है कि आप निडर और निर्भीक होकर निष्पक्ष रुप से अपने पत्रकारिता को धर्म को निभाते रहे संघ आपके साथ मजबूती से खड़ा है। उमेश के साथ किए गए इस कृत को हम नेताओं की गीदड़ भभकी की तरह देखते हैं ।जो नेता या अधिकारी पत्रकारों के सवालों का माकूल जवाब नहीं दे पाते या उन्हें उनसे  खतरा नजर आता है वही ऐसे कार्य करते हैं । अगर हम सही है तो हम सभी पत्रकार साथियों को डरने की जरूरत नहीं है हम सब एक साथ हैं और इस गलत कार्य का पुरजोर विरोध भी साथ में करेंगें.


वही नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने पत्रकार उमेश पाण्डेय के विरुद्ध केन्द्रीय राज्य मंत्री के ईशारे पर की गयी प्राथमिकी दर्ज को निंदनीय बताते हुए कड़ी भर्त्सना की है| एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं सचिव के द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि किसी पत्रकार के द्वारा खबर प्रसारित किए जाने पर यदि किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह उस खबर पर अपना पक्ष रख सकता है|


संवाददता उमेश पाण्डेय को कई पत्रकार संघों का मिला समर्थन, यथाशीघ्र मुकदमा वापसी को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री से की हस्तक्षेप की माँग

संवाददता उमेश पाण्डेय को कई पत्रकार संघों का मिला समर्थन, यथाशीघ्र मुकदमा वापसी को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री से की हस्तक्षेप की माँग


By sidharth mishra

M v online bihar news/पटना। बक्सर में ईटीवी भारत के लिए रिपोर्टिंग करने वाले उमेश पांडेय के खिलाफ एक भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य परशुराम चतुर्वेदी  द्वारा दर्ज कराए गए मामले पर वेब जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने संज्ञान लिया है. WJAI पत्रकारों ने इसे पीड़क कार्रवाई माना है। WJAI  ने बयान जारी कर कहां है कि पत्रकार पर लगाए गए आरोप पहली नजर में बदले की कार्रवाई दिख रहे हैं। इसलिए कि रिपोर्टर ने सीरीज में एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ खबरें लिखीं, लेकिन मंत्री की ओर से इसका खंडन नहीं किया गया और भाजपा नेता द्वारा उल्टे  सीधे कई गंभीर आरोप लगाते हुए पत्रकार पर मामला दर्ज करा दिया गया।


डब्ल्यूजेएआई ने कहा है कि अगर खबरें तथ्यहीन या गलत थीं तो पहले मंत्री महोदय का पक्ष आना चाहिए था. रिपोर्टर अगर उसे अपने पोर्टल में या खबरों में स्थान नहीं देता तो उसे लीगल नोटिस भेजा जाना चाहिए था। पर ऐसा न कर सीधे रिपोर्टर पर केस दर्ज करना यह दर्शाता है कि भाजपा नेता मीडिया को दबाना चाहते हैं.


संगठन के अध्यक्ष आनंद कौशल ने मंत्री महोदय से हस्तक्षेप करते हुए रिपोर्टर पर दर्ज करवाए गये मुकदमे को वापस कराने और मामले के निपटारे का आग्रह किया है. साथ ही कहा है कि उन्हें खबरों पर आपत्ति है तो अपना पक्ष संबंधित रिपोर्टर के पास भेजें. केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा आईटी मंत्रालय ने भी इसी फरवरी में एक्ट लाकर यह  प्रावधान किया है कि अगर किसी को पोर्टल पर चली खबरों पर आपत्ति है तो इसकी शिकायत पहले ग्रिवांस अधिकारी से करना है न कि संबंधित रिपोर्टर पर मुकदमा दायर कर दिया जाए।


बक्सर पत्रकार संघ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि अपने किसी भी साथी के साथ किऐ जा रहे ऐसे कुकृत्य की घोर निंदा और विरोध करता है स्थानीय स्तर पर पत्रकारिता करने वाले सभी पत्रकार मित्र को बक्सर पत्रकार संघ आश्वस्त करना चाहता है कि आप निडर और निर्भीक होकर निष्पक्ष रुप से अपने पत्रकारिता को धर्म को निभाते रहे संघ आपके साथ मजबूती से खड़ा है। उमेश के साथ किए गए इस कृत को हम नेताओं की गीदड़ भभकी की तरह देखते हैं ।जो नेता या अधिकारी पत्रकारों के सवालों का माकूल जवाब नहीं दे पाते या उन्हें उनसे  खतरा नजर आता है वही ऐसे कार्य करते हैं । अगर हम सही है तो हम सभी पत्रकार साथियों को डरने की जरूरत नहीं है हम सब एक साथ हैं और इस गलत कार्य का पुरजोर विरोध भी साथ में करेंगें.


वही नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने पत्रकार उमेश पाण्डेय के विरुद्ध केन्द्रीय राज्य मंत्री के ईशारे पर की गयी प्राथमिकी दर्ज को निंदनीय बताते हुए कड़ी भर्त्सना की है| एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं सचिव के द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि किसी पत्रकार के द्वारा खबर प्रसारित किए जाने पर यदि किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह उस खबर पर अपना पक्ष रख सकता है|